दहीवड़ा

दहीवड़ा बनाते वक़्त अगर हम वड़े को कड़ाही में से तल कर निकालने के बाद थोड़ी देर पानी में रख कर न निचोड़ें तो वह कड़ा और कठोर ही रह जाता है, उसमें कोमलता नहीं आती है| उसके भीतर रस का प्रवेश नहीं होता है| वह टूट जाता है| खाने में कोई स्वाद नहीं आता| …

Continue reading दहीवड़ा

आषाढ़ पंचमी

फोटो, साभार: Google ज्योतिषशास्त्र कभी भी एकांगी होकर बात नहीं करता है| कभी भी एक सूत्रीय फार्मूला नहीं देता है| मानसून में कितनी होगी बारिश इसके फलादेश हेतु सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से ही बहुआयामी विश्लेषण करना प्रारम्भ किया जाता है| इन सभी के बारे में मैंने पहले यहाँ चर्चा की है|  इसी …

Continue reading आषाढ़ पंचमी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग - सम्पूर्ण विश्व को भारत की देन जिस क्षण हम मन में दुनिया को लीन करके के बाद मन के साथ एकात्म स्थापित कर लेंगे उसी क्षण योगेश्वर कृष्ण हमें कहेंगे "यथेच्छसि तथा कुरु "| आइये योगमय हो जाएं!! युक्ताहारविहारश्चयुक्तचेष्टश्चकर्मसु |युक्तस्वप्नअवबोधश्चयोगोभवतिदु:खहा|| तं विद्याद्दु:खसंयोगवियोगं योगसंज्ञितम्| “योगस्थ: कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय। सिद्ध्यसिद्ध्यो: समो भूत्वा समत्वं …

Continue reading अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

जीवन.. प्रवाह (Flowchart)

FLOWCHART - "a diagram that shows the stages of a process" फ्लोचार्ट के माध्यम से, किसी भी प्रक्रिया के भिन्न भिन्न अवस्थाओं को सरल और सहज तरीके से  समझा जा सकता है| ज्योतिष में, जीवन के भिन्न भिन्न अवस्थाओं को कुंडली( flowchart) के माध्यम से बड़ी ही सरलता और सहजता से समझा जाता है|  "पश्यन्शृण्वन्स्पृशन्जिघ्रन्नश्नन्गच्छन्स्वपन्श्वसन्" …

Continue reading जीवन.. प्रवाह (Flowchart)

अपने स्वास्थ्य के नियंता स्वयं बनिए

कोरोना संक्रमण से बाहर आने के बाद सोचती कि अब लिखना शुरू करना है, कोई ऐसी खबर आ जाती कि फिर लिखना रह ही जाता था| लेकिन इससे हमें बाहर तो आना होगा| इस तरह तो जिया नहीं जा सकता| हिम्मत करके मैंने लिखने का मन बनाया है| इस आलेख को लिखने के पीछे कुछ …

Continue reading अपने स्वास्थ्य के नियंता स्वयं बनिए

होलिका दहन

(फोटो, साभार: google ) नंदी ओ नंदी कहाँ हो तुम .. वशिष्ठ बाबू ने अपनी दुलारी पोती नंदी को आवाज दी।बस यहीं हैं बाबा। खाना खा रहे हैं। बताइए क्या बात है।अच्छा अच्छा, खाना खा लो फिर आओ आज तुमको एक जादू के बारे में बताएंगे।आप तो ज्योतिष के बारे में बता रहे थे न …

Continue reading होलिका दहन

जानें तिथि

नंदी ओ नंदी कहाँ हो? वशिष्ठ बाबू ने दलान पर से नंदी को आवाज देते हुए कहा| यहीं हैं घर में बाबा, खाना बनाने में माँ का हाथ बंटा रहे हैं| माँ कह रही है कि आज सप्तमी तिथि है, आज मंदिर में भोग बनाकर लेकर जाएगी| अरे वाह! तुम तो खूब होशियार हो गयी …

Continue reading जानें तिथि