संक्रमण काल में भारतवर्ष की धर्मगति

     कुछ समय पहले मैंने लिखा है कि जून'2020  में बृहष्पति, शुक्र, केतु और सूर्य के संयोग से एक ऐसे योग का निर्माण होने जा रहा है जिसे शास्त्रकारों ने 'वर्णसंकर का नाश' कहा है| इसका एक अर्थ यह भी है कि यूरोपीय देश और अमेरिका की स्थिति डावांडोल होने का संकेत है ग्रहों के …

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महामारी से राहत का अचूक मन्त्र

               जनवरी'2017 और सितम्बर'2018 में मैंने, 2020 में विश्व के आर्थिक मंदी और देश के स्वास्थ्य को लेकर ग्रहों के संकेत की बात कही थी| इसे आप सब मेरे ब्लॉग http://www.lightonastrology,पर पढ़ सकते हैं और मेरे यूट्यूब वीडियो में भी सुन सकते हैं| आज एक बार फिर अपनी बातों को एक एक कर …

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कोरोना वायरस – जैविक हथियार ??

जर्मन विषाणु वैज्ञानिक डॉक्टर क्रिश्चियन ड्रोस्टेन के अनुसार -"यह विषाणु  प्रसारत्व और मारकत्व दोनों अपने साथ लिए हुए है|" फ्रांस के विषाणु वैज्ञानिक लूक मॉन्टेग्निये के अनुसार -"इसके विषाणु को वहां के प्रयोगशाला में बनाया गया है|" इस वायरस को लेकर यह बातें होती रही हैं कि यह जैविक हथियार है| तीसरे विश्व युद्ध की …

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मैं कौन हूँ ..(Who Am I..)

आज मनुष्य बड़े बड़े यंत्रों, महायंत्रों की सहायता से अंतरिक्ष को जानने का दावा करता है| सूर्य को जान लेने की बात करता है| ग्रहों को जान लेने की बात करता है| यंत्रों और महायंत्रों की सहायता से वह ग्रहों तक अपनी पहुँच बना पाने में सफल हो चुका है| लेकिन क्या, आज यही मनुष्य …

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‘गीता’ और नैदानिक मनोविज्ञान (Clinical Psychology)

ज्योतिष को अपरा ( चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष ) और परा के बीच का सेतु कहा गया है |चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और तब आता है ज्योतिष |कहने का तात्पर्य यह कि ज्योतिष को अगर सम्पूर्णता में समझना है तो हमें वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद …

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परमाणु- पालक भी, संहारक भी

ज्योतिष को अपरा (चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष )और परा के बीच का सेतु कहा गया है |चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और तब आता है ज्योतिष |कहने का तात्पर्य यह कि ज्योतिष को अगर सम्पूर्णता में समझना है तो हमें वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद को जानना …

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रे मन धीरज धर

   30 जून 2020 को ग्रहों द्वारा कुछ ऐसे योग निर्मित हो रहे हैं जिनके बारे में ज्योतिषशास्त्र अन्य फलों के अलावा एक फल जो कहता है वह यह कि इस योग के निर्माण से वर्णसंकरों का नाश होता है | ' वर्णसंकर' शब्द का इस्तेमाल शास्त्रकारों ने क्यों किया ??  क्या तात्पर्य है ?? इसे …

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