होलिका दहन

(फोटो, साभार: google ) नंदी ओ नंदी कहाँ हो तुम .. वशिष्ठ बाबू ने अपनी दुलारी पोती नंदी को आवाज दी।बस यहीं हैं बाबा। खाना खा रहे हैं। बताइए क्या बात है।अच्छा अच्छा, खाना खा लो फिर आओ आज तुमको एक जादू के बारे में बताएंगे।आप तो ज्योतिष के बारे में बता रहे थे न …

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शिवशक्ति

सती ने जब सीता  जी का रूप बनाया तब शंकर जी ने सोचा कि अब तो ये मेरी माँ हो गयी तो ऐसी स्थिति में मैं इनका पति कैसे बना रह सकता हूँ| " जौं अब करउँ सती सन प्रीति| मिटइ भगति पथु होइ अनीति||" शिव ने सती का त्याग किया| सती जब पार्वती हुईं …

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सरस्वती पूजा

माँ !!सरस्वती सरसिजकेसरप्रभातपस्विनी सितकमलासनप्रिया ।घनस्तनी कमलविलोललोचनामनस्विनी भवतु वरप्रसादिनी ॥४॥सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥५॥- ऋषि अगत्स्य

‘धन’ तेरस

फोटो, साभार: google कुछ लोग ऐसे होते हैं कि हाड़ तोड़ मेहनत करने के बावजूद, कठिन परिश्रम करने के बाद भी माँ लक्ष्मी की कृपा उनके ऊपर नहीं होती है| वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जिनके कम परिश्रम करने के बावजूद माँ लक्ष्मी की उनके ऊपर भरपूर कृपा बरसती है| कहते हैं सब …

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या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तयै नमो नमः

फोटो साभार : google कुछ लोग, जीवन में हलकी सी कोई लहर आते ही निराशा के चपेट में चले जाते हैं| वे यह सोचने लगते हैं कि, उनके जीवन में कभी कुछ अच्छा घटित ही नहीं होगा| सारी अच्छी घटनाएं दूसरों के जीवन में ही घटित होंगी| निराशावादी व्यक्ति धीरे धीरे अपने आपको हर एक …

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मादक द्रव्य का सेवन (व्यसन) और युवा पीढ़ी का भटकाव – शास्त्रीय समाधान

फोटो, साभार: google भारतीय युवा पीढ़ी में मादक द्रव्यों का बढ़ता सेवन चिंता का विषय है| यह एक गंभीर समस्या का रूप धारण करती जा रही है| व्यसन क्या है और कैसे स्वयं के प्रयास से इससे मुक्त हुआ जा सकता है इसे आज हमलोग रामचरितमानस और भगवद्गीता के माध्यम से जानेंगे| इसका ज्योतिषीय पक्ष …

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श्राद्ध का महत्व

फोटो, साभार: google श्राद्ध (सर्वे भवन्तु सुखिनः) श्रद्धां दीयते, श्रद्धां क्रियते, श्रद्धां अनुमियते श्राद्धं| श्राद्येषु पितरं तृप्तः| प्रत्येक वर्ष भादो माह में अपने पितरों के तृप्ति हेतु और उनके सुखी होने की कामना से श्राद्ध किया जाता है|  यहाँ सिर्फ पितरों के तृप्त और सुखी होने की कामना नहीं की जाती है बल्कि देव, ऋषि, …

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