कहीं आपकी कुंडली में केमद्रुम योग तो नहीं

फोटो: साभार - google कुंडली में अगर चंद्र केमद्रुम योग में हो तो किस प्रकार कड़े संघर्ष के बाद मनोबांछित फलों की प्राप्ति होती है  और कमजोर दशा मिल गए तो क्या परिणाम देता है और जैसे ही शुभ दशा या मजबूत दशा का समर्थन मिलता है क्या फल मिलता है-इसे ही मैंने एक कहानी …

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चाँद ( MOON)- ज्योतिष में इसकी इतनी महत्ता क्यों ?

किसी ने चाँद में अपनी महबूबा को देखा तो किसी ने चाँद में अपने मामा को देखा| किसी ने स्त्री माना तो किसी ने पुरुष माना|   देव गुरु बृहष्पति के शिष्य चाँद की ख़ूबसूरती पर गुरु पत्नी तारा इस कदर रीझ गयीं कि चाँद के साथ सम्बन्ध स्थापित कर लिया| दोनों के इस संबंध …

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शनि की साढ़े साती, ढैय्या और पंचम शनि

                            बहुत सारे व्यक्ति यह सोच कर भयाक्रांत होते हैं कि शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैय्या या पंचम शनि शुरू होने वाली है| वे परेशान होकर, इसके अनिष्टकारी  प्रभाव से कैसे बचा जाये, यह जानना चाहते हैं| आइए यहाँ ज्योतिष के नजरिये से यह देखने की कोशिश करें कि शनि की साढ़ेसाती, शनि की …

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CHANDRAGRAHAN + GURUPURNIMA

जुलाई माह के 5 तारीख को गुरु पूर्णिमा और उपच्छाया चंद्रग्रहण ( penumbral lunar eclipse ) लगेगा| यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा| यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका और indian ocean से देखा जा सकेगा| क्या इस ग्रहण का प्रभाव देश, दुनिया और मौसम के साथ साथ हर राशि के व्यक्तियों के …

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ज्योतिष के चार अध्याय

ज्योतिष को जितना समझ पा रही हूँ उसे आप सभी का साथ धीरे धीरे सांझा करती जा रही हूँ| इसी क्रम में ज्योतिष के ये चार अध्याय अमेज़न किंडल पर भी उपलब्ध कराया है जिससे कि घर घर ज्योतिष पहुँच सके| https://www.amazon.in/dp/B08BKWC5RC https://www.amazon.in/dp/B081FDG16S https://www.amazon.in/dp/B081936LHT https://www.amazon.in/dp/B088F447LZ

परमाणु- पालक भी, संहारक भी

ज्योतिष को अपरा (चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष )और परा के बीच का सेतु कहा गया है |चारों वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और तब आता है ज्योतिष |कहने का तात्पर्य यह कि ज्योतिष को अगर सम्पूर्णता में समझना है तो हमें वेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद को जानना …

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