जानें तिथि

नंदी ओ नंदी कहाँ हो? वशिष्ठ बाबू ने दलान पर से नंदी को आवाज देते हुए कहा| यहीं हैं घर में बाबा, खाना बनाने में माँ का हाथ बंटा रहे हैं| माँ कह रही है कि आज सप्तमी तिथि है, आज मंदिर में भोग बनाकर लेकर जाएगी| अरे वाह! तुम तो खूब होशियार हो गयी …

Continue reading जानें तिथि

ग्रहों के दोस्त और दुश्मन

दुल्हिन कहाँ हैं आप ? और आज घर में इतना शांति काहे है? नंदी और नंदू  भी कहीं दिखाई नहीं दे रहे और न ही बच्चों की मामा दिख रही है| कहाँ हैं सब के सब? वशिष्ठ बाबू ने दलान पर से आवाज लगाई| आई बाबूजी ! माँ तो पड़ोस में गयी हैं नंदी के …

Continue reading ग्रहों के दोस्त और दुश्मन

स्वयं के राह का निर्माता

स्वयं के राह का निर्माता "महाजनो येन गतः स पन्था" जिस रास्ते पर महापुरुष, बड़े लोग, समझदार लोग चले हैं मनुष्यों को उसी रास्ते पर चलना चाहिए- दादा जी ने शिवि को समझते हुए कहा| लेकिन क्यों बाबा? हम क्यों किसी और के चले रास्ते पर चलें? ऐसा इसलिए बेटा कि वे लोग जिन मार्गों …

Continue reading स्वयं के राह का निर्माता

राशि और ग्रह

राशि और ग्रह वशिष्ठ बाबू ने जैसे ही घर में प्रवेश किया, नंदी चहकते हुए उनके पास आकर बोली, बाबा मैंने ज्योतिष का पहला पाठ याद भी कर लिया, समझ भी लिया और अपने दोस्तों को भी बताया| चलिए अब आगे बताइये| अरे बाबा को थोड़ा आराम भी करने दोगी तुम, नंदी को उसकी माँ …

Continue reading राशि और ग्रह

बाधित हो सकती है राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया ??

श्री  राम के गृह निर्माण के शुरू होने के समय को लेकर बहुत सी बातें हुईं| भूमि पूजन के मुहूर्त को लेकर भी बातें हुई  कि यह मुहूर्त अशुभ है। बहुत से लोगों ने तो यह भी कहा  कि गुरु वशिष्ठ द्वारा श्री राम राज्याभिषेक का मुहूर्त निकालने के बाद भी क्या हुआ ?? 1 …

Continue reading बाधित हो सकती है राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया ??

नंदी की जिद

सुबह सुबह स्नान ध्यान से फारिग होकर वशिष्ठ बाबू बैठे ही थे कि नंदी की आवाज़ सुनाई पड़ी| बाबाЅЅЅ ओ बाबा कहाँ हैं आप? अरे सब घर में आपको देख आये, कहीं नहीं दिखाई दिए| क्या हुआ नंदी बेटा.. सुबहे सुबहे क्या हो गया जो इतना चिल्ला रही हो? हम यहाँ हैं दलान पर| नंदी …

Continue reading नंदी की जिद

बदलेगा मकर संक्रांति और उत्तरायण का इतिहास

दुल्हिन! हे दुल्हिन! सुनैछी, मामा ने माँ  को हाँक लगते हुए कहा| जी सरकार जी| काल्ह तिलसकरात हई त तिल, मुढ़ी आ चिउरा के लाई आई बनतई,  से है न याद| आ काल्हे से सूरज भी उत्तरायण होथिन त पंडित जी से होम करवायल जतई| रमेसरा के कहवइ, जे आइये हुनका न्योत अतई| आ ओने …

Continue reading बदलेगा मकर संक्रांति और उत्तरायण का इतिहास