चंद्र (MOON)

नंदी ..ओ ..नंदी .. कहाँ हो.. मामा के घर से घूम के आने के बाद अब कुछ पढ़ भी लो| दो महीने होने को आये,ज्योतिष की क्लास भी नहीं लगी है तुम्हारी| कुछ याद भी है या सबकुछ भूल भल गयी? कुछ नहीं भूले हैं बाबा| सब याद है| बस आ गए कॉपी कलम लेके| …

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दहीवड़ा

दहीवड़ा बनाते वक़्त अगर हम वड़े को कड़ाही में से तल कर निकालने के बाद थोड़ी देर पानी में रख कर न निचोड़ें तो वह कड़ा और कठोर ही रह जाता है, उसमें कोमलता नहीं आती है| उसके भीतर रस का प्रवेश नहीं होता है| वह टूट जाता है| खाने में कोई स्वाद नहीं आता| …

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पीपल और हम ( मनुष्य )

हमारे यहाँ अनेक धार्मिक अवसरों पर पीपल वृक्ष के पूजन का विधान है| पीपल में पितरों का वास माना गया है| आखिर पीपल के वृक्ष को हमारे यहाँ इतनी महत्ता क्यों प्रदान की गयी है?? क्या सिर्फ इसी  वजह से या इस वजह से कि यह चौबीसों घंटे जीवन प्रदायिनी ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है?? हमदोनों …

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आषाढ़ पंचमी

फोटो, साभार: Google ज्योतिषशास्त्र कभी भी एकांगी होकर बात नहीं करता है| कभी भी एक सूत्रीय फार्मूला नहीं देता है| मानसून में कितनी होगी बारिश इसके फलादेश हेतु सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से ही बहुआयामी विश्लेषण करना प्रारम्भ किया जाता है| इन सभी के बारे में मैंने पहले यहाँ चर्चा की है|  इसी …

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ग्रह शांति

फोटो, साभार: Google रामप्रीत दा, ई मुंह अन्हारे कहाँ चले दिए .. अरे कुछ नहीं ज्ञानी  ..कुछ समय से बड़ी परेशानी में हैं। किसी का कुछ बिगाड़े भी नहीं हैं न किसी को कोई तकलीफ दे रहे हैं फिर भी न जाने काहे कोई भी काम करते हैं सब उलटा ही हो जाता है। कर्जा …

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग - सम्पूर्ण विश्व को भारत की देन जिस क्षण हम मन में दुनिया को लीन करके के बाद मन के साथ एकात्म स्थापित कर लेंगे उसी क्षण योगेश्वर कृष्ण हमें कहेंगे "यथेच्छसि तथा कुरु "| आइये योगमय हो जाएं!! युक्ताहारविहारश्चयुक्तचेष्टश्चकर्मसु |युक्तस्वप्नअवबोधश्चयोगोभवतिदु:खहा|| तं विद्याद्दु:खसंयोगवियोगं योगसंज्ञितम्| “योगस्थ: कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय। सिद्ध्यसिद्ध्यो: समो भूत्वा समत्वं …

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जीवन.. प्रवाह (Flowchart)

FLOWCHART - "a diagram that shows the stages of a process" फ्लोचार्ट के माध्यम से, किसी भी प्रक्रिया के भिन्न भिन्न अवस्थाओं को सरल और सहज तरीके से  समझा जा सकता है| ज्योतिष में, जीवन के भिन्न भिन्न अवस्थाओं को कुंडली( flowchart) के माध्यम से बड़ी ही सरलता और सहजता से समझा जाता है|  "पश्यन्शृण्वन्स्पृशन्जिघ्रन्नश्नन्गच्छन्स्वपन्श्वसन्" …

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