हिन्दू नव वर्ष

विक्रम सम्वत - २०७८ शक सम्वत - १९४३ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा दिन मंगलवार नव वर्ष की शुरुआत हो और वर्ष के राजा और मंत्री दोनों, मंगल ही नियुक्त किये जाएं तो तमाम बाधाओं के बीच एक उम्मीद तो बंधती है| 'मगि गतौ इति मंगल', हमारा हर कदम आगे बढ़े, हम जड़ न हो जाएं बल्कि …

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होलिका दहन

(फोटो, साभार: google ) नंदी ओ नंदी कहाँ हो तुम .. वशिष्ठ बाबू ने अपनी दुलारी पोती नंदी को आवाज दी।बस यहीं हैं बाबा। खाना खा रहे हैं। बताइए क्या बात है।अच्छा अच्छा, खाना खा लो फिर आओ आज तुमको एक जादू के बारे में बताएंगे।आप तो ज्योतिष के बारे में बता रहे थे न …

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शिवशक्ति

सती ने जब सीता  जी का रूप बनाया तब शंकर जी ने सोचा कि अब तो ये मेरी माँ हो गयी तो ऐसी स्थिति में मैं इनका पति कैसे बना रह सकता हूँ| " जौं अब करउँ सती सन प्रीति| मिटइ भगति पथु होइ अनीति||" शिव ने सती का त्याग किया| सती जब पार्वती हुईं …

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जानें तिथि

नंदी ओ नंदी कहाँ हो? वशिष्ठ बाबू ने दलान पर से नंदी को आवाज देते हुए कहा| यहीं हैं घर में बाबा, खाना बनाने में माँ का हाथ बंटा रहे हैं| माँ कह रही है कि आज सप्तमी तिथि है, आज मंदिर में भोग बनाकर लेकर जाएगी| अरे वाह! तुम तो खूब होशियार हो गयी …

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सरस्वती पूजा

माँ !!सरस्वती सरसिजकेसरप्रभातपस्विनी सितकमलासनप्रिया ।घनस्तनी कमलविलोललोचनामनस्विनी भवतु वरप्रसादिनी ॥४॥सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥५॥- ऋषि अगत्स्य

ग्रहों के दोस्त और दुश्मन

दुल्हिन कहाँ हैं आप ? और आज घर में इतना शांति काहे है? नंदी और नंदू  भी कहीं दिखाई नहीं दे रहे और न ही बच्चों की मामा दिख रही है| कहाँ हैं सब के सब? वशिष्ठ बाबू ने दलान पर से आवाज लगाई| आई बाबूजी ! माँ तो पड़ोस में गयी हैं नंदी के …

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स्वयं के राह का निर्माता

स्वयं के राह का निर्माता "महाजनो येन गतः स पन्था" जिस रास्ते पर महापुरुष, बड़े लोग, समझदार लोग चले हैं मनुष्यों को उसी रास्ते पर चलना चाहिए- दादा जी ने शिवि को समझते हुए कहा| लेकिन क्यों बाबा? हम क्यों किसी और के चले रास्ते पर चलें? ऐसा इसलिए बेटा कि वे लोग जिन मार्गों …

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