ग्रह शांति

tips to suppress the power of shani - यदि आपकी कुंडली में भारी है शनि तो  करें ये उपाय 1
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रामप्रीत दा, ई मुंह अन्हारे कहाँ चले दिए ..

अरे कुछ नहीं ज्ञानी  ..कुछ समय से बड़ी परेशानी में हैं। किसी का कुछ बिगाड़े भी नहीं हैं न किसी को कोई तकलीफ दे रहे हैं फिर भी न जाने काहे कोई भी काम करते हैं सब उलटा ही हो जाता है। कर्जा भी लेना पड़ रहा है।

अपने ज्योतिषी जी से पूछे थे कि इ सब काहे हो रहा है तो उन्होंने बताया कि सब शनि का फेरा है। उसका शांति करवा लो सब ठीक हो जाएगा। मैंने पूछा कि कैसे होगा ग्रह शांति,कितना खर्चा आएगा और कौन करेंगे इसको तो ज्योतिषी ने कहा है कि सब कुछ वही संभाल लेंगे। यही कुछ तीस चालीस हजार का खर्चा आएगा।

पइसा का इंतजाम कर लिए हैं तब अब जा रहे हैं ज्योतिषी जी के पास। कल शनिच्चर है नऽ, त उनको कहने जा रहे हैं कि आकर शनि ग्रह शांति करवा दें..जिससे कि हमको दुख से छुटकारा मिले।

अरे रामप्रीत दा आप भी किसके चक्कर में पड़ गए।

ऐसा नहीं है ज्ञानी .. ये बहुत पहुँचे हुए ज्योतिषी हैं। दूर दूर से लोग इनके पास आते हैं। इन्होंने जब कहा है कि शनि का फेरा है और उसका शांति करवा देने से मेरे जीवन में भी शांति आ जाएगा तो सहीए कहे हैं।

अच्छा अच्छा रामप्रीत दा आपके दूरा पर कोठी है न ??

हाँ लेकिन क्यों??

आप उसमें हर साल अनाज डालते हैं। पिछले साल वाला अनाज नीचे रहता है और उसके बाद वाले साल का अनाज उसके ऊपर रहता है और इस साल वाला अनाज सबसे ऊपर रहेगा।

हाँ.. लेकिन इस सबका शनि ग्रह से क्या लेना देना??

अब बताइए कोठी में से अनाज निकालते कहाँ से हैं?? ज्ञानी ने रामप्रीत दा की बातों को अनसुना करते हुए पूछा।

अनाज को नीचे से निकालते हैं इ त तुमको भी पता है। इ सब काहे पूछ रहे हो ??

तो दा एक बात बताइए ..इस साल वाला अनाज जब आप ऊपर रखे हैं त इस साल त वही पिछले साल वाला अनाज खाइएगा.. इस साल का अनाज पिछले साल के अनाज के बनिस्पत अच्छा हुआ है फिर भी आप इसके बनिस्पत कम गुणवत्ता वाला अनाज खाइएगा ??

हाँ ज्ञानी हाँ,  लेकिन इस सबका ग्रह शांति से क्या संबंध??

है दा ..बहुत गहरा संबंध है।

अच्छा कैसे ??

वो ऐसे कि काल रूपी कोठी में आप अपने कर्म रूपी अनाज को सालों साल संचित करते जाते हैं। इस साल आपने अच्छा कर्म किया लेकिन वह तो कोठी के ऊपरी हिस्से में संचित होता जा रहा है नऽऽ.. तो वह अभी कैसे निकलेगा?? अभी तो पिछले समय में किया गया कर्म अपना फल देगा।

लेकिन मैंने तो अपनी याद में कभी किसी का अहित नहीं किया तो फिर ये दुख क्यों  ??

हाँ ये आपने भली बात कही दा ..अपनी याद में .. ये सिर्फ इस शरीर के मिलने के बाद की सारी यादे हैं।  इससे पहले के जीवन की याद है आपको ?? भूल गए दा..तुलसी बाबा कह गए हैं ..जीव अविनाशी..

ग्रह साक्षी होते हैं हमारे सभी कर्मों का।

सब हमारे कर्मों का फेरा है दा .. ग्रह कभी फेरा में नहीं डालते .. वे तो बस हमारे जनम जनम के कर्मों के साथ एक तय अवधि के लिए हमारा लय स्थापित कर देते हैं और फिर जैसे हमारे कर्म वैसे फल।

सुधारना ही है तो अपना कर्म सुधारिए।

ज्योतिषी के पास नहीं … ज्योतिष के पास जाइए ..

ग्रह शांति के नाम पर चलाए जा रहे व्यापार को समझिए ..

ठगी से बचिए..भ्रम और भटकाव से बाहर आइए ..

खुश रहो ज्ञानी। तुमने आज मेरी आंखें खोल दी। अब हम वापस घर जा रहे हैं।

हाँ ठीक है दा ..अभी तो आप घर जाइए लेकिन सांझे मिठाई जरूर खिलाइएगा..आखिर आज आंख खुला है आपका..☺☺

सिर्फ आंखें नहीं खुला है ज्ञानी, तीस चालीस हजार रूपइयो बचा है .. इसलिए मिठाई तऽ पक्का 😍