मिट्टी का रंग

ज्योतिष शास्त्र: इस रंग की मिट्टी रखें घर में, चमक जाएगा भाग्य | Hari Bhoomi
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नेपथ्य में राहु, मंगल को, शनि के साथ नव वर्ष पर देखकर घबराहट सी होने लगी। पर थोड़ा सुकून मिला यह देखकर कि बृहष्पति की नजर है इस गुप्त मिलन पर| उधर केतु भी बेचैन है| वह भी इसमें शामिल होना चाहता है| मैने कहा उसे कि थोड़ा सबर कर लो भाई, क्यों हर रंग को अग्नि के रंग का बनाना चाहते हो, क्यों अपने स्वभाव के अधीन होकर आग ही लगाना चाहते हो| अरे जब वृश्चिक राशि का साथ चाहिए तुम्हे तो धर्म ध्वजा क्यों नही उठाते हो| चलो अब बहुत हो गया चिंगारी भड़काना|

 उसने गंभीरता से कहा| जिस वस्तु में जो स्वाभाविक शक्ति है, उसी से तो उसका कार्य उत्पन्न होता है न| फिर सहज होते हुए बोला, चलो मान ली तुम्हारी बात, दार्शनिकों की तरह उसने कहा, फिर पट से उसने कहा, पर शुक्र को तो समझा लो| हाँ नही तो| काम किसी और का और नाम हर समय मेरा| ये नही चलेगा|

 और सुनो इससे पहले की साल बदल जाये, गुरु और शनि की चाल बदल जाये मैं करता हूँ बात|

क्या बहकी बहकी बाते कर रहे हो? भांग त नहीं खाये हो? अभी अभी तो नया साल शुरू हुआ है|

अरे नहीं रे, लो अब ये भी भूल गए कि अपने लोगों का साल तो चइत में शुरू होगा| और पढ़ो अंग्रेजी|

अब जब  साले नहीं पता है त तिथि कहाँ से पता रहेगा| पता नहीं क्या होगा तुमलोगों का, केतु ने भुनभुनाते हुए कहा| मैंने कहा, अच्छा बाबा अब रखेंगे याद| तो आगे तुम क्या कह रहे थे गुरु और शनि की बदली हुई चाल के बारे में और बात करने के बारे में| किससे बात करनी है?? मैंने उसे शांत करने की कोशिश की और पूछा|

अच्छा हाँ, चइत के महीना में जब शुक्ल प्रतिपदा होगा न एक तो उस समय मंगल का राहु के साथ होकर पृथ्वी तत्व राशि में होना, भूकंप के लिए अनुकूल भूमि तैयार करेगा| गुरु भी इसी माह कृष्णपक्ष दशमी तिथि को कुम्भ  राशि में प्रवेश कर जायेंगे|

मैंने कहा अब थोड़ा आसान आसान शब्दों में भी तो समझाओ| चैत, कृष्णपक्ष दशमी मने कौन महीना हुआ? केतु ने अपना सर पीटते हुए कहा हे भगवान, चैत महीना ही तो है देवी| मैंने कहा अंग्रेजी माह का नाम बताओ| केतु ने हँसते हुए कहा कि चैत्र कृष्णा दशमी माने 6 April 2021, अब ठीक है? मैंने भी हँसते हुए कहा हाँ ठीक है|

तो यह जो दिन है प्राकृतिक असंतुलन की स्थिति बना रहा है|

फिर वैशाख माह में शनि अपनी चाल बदलकर वक्री हो जायेगा| तो शनि का यह बदला हुआ चाल फिर से प्रकृत्ति को असंतुलित करने का प्लान बना रहा है| 28 / 29 मई तेज हवा, तूफान और बारिश की स्थिति, भूकंप की स्थिति तैयार कर रहा है|

इसलिए हम जल्दी जल्दी जा रहे हैं मौसम वैज्ञानिकों के पास उनसे बात करने | उनसे कहने कि यह जो स्थिति बन रही है इसपर जरा समय रहते ध्यान दे दें|

ग्रहों के हर क्षण बदलते समीकरण का रंग सिर्फ और सिर्फ धूसर हो, केतु ने दार्शनिक की तरह कहा|

मैने पूछा ..धूसर क्यों ?

केतु ने कहा ..वही तो मिट्टी का रंग होता है .. बुदबुदाता हुआ केतु आगे बढ़  गया …. 

@बी कृष्णा