बिहार में नीतीश कुमार की होगी वापसी ??

Bihar Assembly (Vidhan Sabha) Elections 2020 - Dates, Notifications &  Results - All India Word
फोटो, साभार: google

कोरोना संक्रमण के बीच बिहार एक और विधानसभा चुनाव की ओर अग्रसर हो गया है| चुनाव आयोग ने चुनावी प्रचार और मतदान से  सम्बंधित दिशा निर्देश जारी किया है| किसी भी रोज चुनावी तारीख की घोषणा की जा सकती है| 

 अब जब बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है तो सभी के मन में यह सवाल है कि क्या अबकी बार फिर से नीतीश कुमार|

बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर भाजपा बिहार ने नया नारा दिया है ‘आत्मनिर्भर बिहार’ का| भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  माननीय नड्डा साहब ने कहा कि ‘हमने बिहार को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प लिया है| बिहारवासियों के सहयोग से हम बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दृढ संकल्पित होकर बढ़ रहे हैं और आगे भी बढ़ते रहेंगे|’

 बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जातिगत आरक्षण, धर्म आदि से हटकर बिहार के विकास को चुनावी मुद्दा बनाना स्वागत योग्य है|

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा साहब ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करते हुए, चुनावी तैयारियों के साथ सीट बँटवारे को लेकर चर्चा की| इसके साथ ही माहौल में चुनावी रंग घुलने लगा है| क्या भाजपा और जदयू के साथ से बिहार में नीतीश कुमार की वापसी की राह आसान होगी ?

आइये देखें ग्रहों के क्या संकेत हैं बिहार के मद्देनज़र| क्या नीतीश कुमार की होगा वापसी? क्या एक बार फिर से वे मुख्यमंत्री बनेंगे?

सूत्र( Shree K N Rao) से प्राप्त डाटा के अनुसार नीतीश कुमार की कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण:-

1-March-1951/ 13:17/ Bakhtiarpur( Bihar)

मिथुन लग्न और वृश्चिक राशि की कुंडली में चुनाव के समय विंशोत्तरी दशा रहेगी -राहु/ बुध/ सूर्य की|

जन्म कुंडली ( D-1 ) में राहु, बुध और सूर्य तीनों नवम भाव में अवस्थित हैं|

दशानाथ राहु, शनि की राशि में स्थित हैं और शनि चतुर्थ भाव (गद्दी का भाव) में स्थित होकर उच्च के पंचमेश शुक्र और षष्ठेश (चुनाव) और एकादशेश (चुनाव में विजय), दिग्बली मंगल से दृष्ट हैं|चुनाव के समय की दशा में राहु का जुड़ना और नवम भाव का जुड़ जाना मुस्लिम और दलित वर्ग का समर्थन पहले के चुनाव से बढ़कर मिलने का संकेत है| मुस्लिम समर्थन की वजह से इनकी पार्टी में राजद से कई नेता अलग होकर, शामिल हो सकते हैं| मुस्लिम जनाधार का इनकी तरफ झुकाव राजद के लिए शुभ संकेत नहीं है|

अन्तर्दशानाथ बुध चतुर्थेश हैं|

प्रत्यन्तर्दशानाथ सूर्य चतुर्थेश और सप्तमेश के साथ नवम भाव में स्थित होकर इनके पुनर्वापसी की राह पर मोहर लगा रहे हैं|

दशमांश कुंडली ( D-10) में, राहु का पुनः चतुर्थेश के साथ होना और इसके राश्याधिपति  शुक्र का उच्च का होकर चतुर्थ भाव में स्थित होना, बुध का पंचम भाव में स्थित होकर चतुर्थेश से एकादश भाव से दृष्ट होना तथा सूर्य का अष्टम भाव में द्वितीयेश एवं तृतीयेश के साथ होना और उच्च के पंचमेश से दृष्ट होना इनकी पुनर्वापसी  का जो संकेत जन्म कुंडली ने दिया था उसकी ही पुष्टि कर रहे हैं|

कुल मिलाकर देखा जाये तो यह कहा जा सकता है कि नितीश कुमार की पुनर्वापसी तय है, लेकिन 29 अक्टूबर से आगे अगर चुनाव जायेगा तो इनकी प्रत्यंतरदशा चंद्र की शुरू हो जाएगी जो अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर थोड़ी मुश्किल हालत पैदा करेगा, साथ ही इनके निर्बाध दावेदारी को भी चुनौती देगा|

गुरु और शनि का गोचर ( Double Transit ):-

गुरु, धनु राशि से इनके एकादश भाव को दृष्टि  दे रहे हैं और शनि, मकर राशि से इनके एकादशेश मंगल को दृष्टि दे रहे हैं| गोचरीय समर्थन भी शुभ है|

@बी. कृष्णा