सुखी और स्वस्थ जीवन की कुंजी है ‘ॐ’ मन्त्र का जाप

 

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शक्ति के प्रगटीकरण के ,ऊर्जा के प्राकट्य के कई साधन हो सकते हैं | भौतिक विज्ञान जगत के लोग इसके प्राकट्य के लिए विध विध साधनो का प्रयोग करते हैं | अध्यात्म जगत में इसे मन्त्रों के द्वारा संभव बनाता है और यह ऐसा आध्यात्मिक उपाय है जिसके द्वारा काल पर विजय प्राप्त की जाती है | भिन्न भिन्न शास्त्रों में जिन अद्भुत चमत्कारों की चर्चा की गयी है वे विशेष रूप से मन्त्र जन्य थे | प्राचीन काल में बहुत से ऐसी घटनाओं का वर्णन मिलता है जहाँ की मन्त्रों के प्रभाव से अद्भुत परिणामों की प्राप्ति हुई | प्राचीन काल में जिन बाणों का प्रयोग किया जाता था उनमे कोई विलक्षणता नहीं थी वरन उन बाणों के साथ संकल्प और मंत्र के जो प्रयोग किये जाते थे उन्ही से शक्ति का प्राकट्य होता था |आत्मा को प्रकाश और आत्मा को  आनंद मन्त्रों द्वारा ही दिया जा सकता है |मन्त्रों के द्वारा जिस  प्रकाश का प्राकट्य होता है ,जो शक्ति प्रगटती है वह शक्ति आरोग्य दायिनी तो होती ही है साथ ही साथ ब्रह्माण्ड के रहस्यों को भी उजागर करने वाली होती है |

आज हम जानेंगे दिव्य मन्त्रके बारे में |क्या है इस मन्त्र का रहस्य और क्यों करना चाहिए सबको इसका जाप ,इन सभी बातों की चर्चा विस्तार से यहाँ करेंगे |

अनहद नाद की स्थिति व्याप्त हो जाती है जब हम ॐ मन्त्र का जाप करते हैं |

कैसे करेंका जाप :-

जाप की विधि  

इसे करने की विधि बहुत सरल है | सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएँ |रीढ़ को सीधा रखें |संकल्प लें |संकल्प लेने के लिए अग्नि प्रज्ज्वलित करके ,हाथ में जल लेकर शक्ति का आवाहन करें | गहरी सांस भरें | तत्पश्चात दो तरीके से ‘ ॐ ‘ का उच्चारण करें | पहली बार ‘ ओ ‘ का लम्बा स्वर लगाएं और ‘ म ‘ का छोटा स्वर लगाएं |ऐसा कम से कम तीन मिनट तक करें |इसको करते समय इस बात का ध्यान रखें की आपके दांत एक दूसरे से अलग रहे अर्थात दांत पर दांत नहीं बैठना चाहिए |इस तरह जब आप ‘ॐ ‘ का उच्चारण करेंगे तो आप अपने गले में वाइब्रेशन महसूस करेंगे | तीन मिनट इस तरीके से जाप करने के बाद आप अब  ‘ ओ ‘ छोटा और ‘ म ‘ को लम्बा स्वर लगाएं |ऐसा करने से आप अपने ब्रेन में वाइब्रेशन महसूस करेंगे | कम से कम तीन मिनट तक इसे भी करें |

क्या होगा वाइब्रेशन से ??

इसकी वजह से ऊर्जा का प्राकट्य होगा |ऐसी ऊर्जा जो शक्ति से लबालब भरी होगी और इसका गमन सीधी रेखा में होगा |इन सूक्ष्म तरंगों का सीधी रेखा में गमन करने की वजह से आपके द्वारा मंतव्य जगह तक सन्देश पहुँचाना सहज ही हो जाता है |आप बगैर स्थान परिवर्तन किये अपनी बात अपने द्वारा निर्धारित स्थान तक पहुंचा सकते हैं | दूसरा यह की वोकल  कॉर्ड और ब्रेन में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से आपके भीतर आनंद रस का प्रकटीकरण होगा और आप देखेंगे की कैसे आपका जीवन परिवर्तित होने लगा है | नारात्मकता आपसे कोसों दूर जाने लगी हैं और जीवन के हर आयाम को आपके देखने का तरीका सकारात्मक होने लगा है |आपका दृष्टिकोण बदलने लगा है | आप खुश रहने लगे हैं |आप स्वस्थ होने लगे हैं |आप परिवर्तित ही नहीं बल्कि रूपांतरित होने लगे हैं |

तो जब हमारे ऋषिओं ने ,जो की मंत्र द्रष्टा थे ,हमें सकारात्मक, सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए इतना अचूक मन्त्र पकड़ाया है तो हम क्यों न इसका नियमित कम से कम  छह मिनट जाप करें |

तो आइये सब मिलकर जप करें |

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@B Krishna Narayan

ASTRO TALK

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