देश और दुनिया की दिशा निर्धारित करते हैं ग्रह

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कश्मीर, चीन, नागरिकता संशोधन बिल की चर्चा,पाकिस्तान पर हमला करेगा भारत की नहीं  , छात्र आंदोलन और मौसम की उठापटक के बीच हम सबने नए साल में प्रवेश किया |  इन सबके बारे में मैंने पहले भी लिखा है |आज यहाँ चर्चा करते हैं कालचक्र दशा और ग्रहों की बदलती चाल के आधार पर देश और दुनिया की दिशा की | चौबीस जनवरी को  शनि अपनी ही राशि मकर राशि में प्रवेश करेगा  | केतु से उसका साथ छूटेगा |शनि के केतु से अलग होते ही मंगल आ जायेगा केतु के समीप |फरवरी के महीने में मंगल की केतु से नजदीकी के समय बुध का वक्री और अस्त दोनों होना प्रकृति के प्रकोप से अभी बचने का कोई रास्ता नहीं दिखते हैं साथ ही साथ पश्चिम और दक्षिण एशिया के देशों में स्थित अमेरिकी और इज़राइली ठिकानो को ईरान द्वारा निशाना बनाये जाने का भी संकेत दे रहे हैं |

बात जब भारत के सन्दर्भ में हो तो पहले चर्चा CAA  की करते हैं |मैंने पहले भी लिखा है ,बिल को लेकर सरकार की नेक नियति पर तो कोई सवाल नहीं है लेकिन इसके बावजूद इस बिल का विरोध देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी की जाएगी | वैसा ही हो रहा है | अब आगे क्या ?? आइये इसे हम भारतीय  गणराज्य की कुंडली से काल चक्र दशा के आधार पर देखें |बात जब संविधान और संवैधानिक ढांचे पर प्रहार की हो तो 26 जनवरी 1950 की कुंडली की चर्चा करनी बनती है |मीन लग्न की कुंडली है | मेष की दशा चल रही है जिसमे पंचमेश स्थित है और सप्तम भाव से केतु के साथ बैठे मंगल की दृष्टि जा रही है | अर्थ मंदी और छात्र आंदोलन को सहजता से समझा जा सकता है |वर्तमान दशा मेष / मीन की है | यह समय हमें अराजकता से निकल कर लाने वाला तो नहीं दिखता है |मार्च 2020 से जब मंगल ,गुरु ,केतु और शनि के द्वारा वृषभ और मकर राशि का वेध होगा और राहु के द्वारा जन्म दिन का वेध होगा | देश के भीतर संरचनात्मक ढांचों पर प्रहार की प्रक्रिया शुरू होगी | देश के बुनियादी ढांचा ( infrastructure ) को कमजोर करने की साजिश तेज होती हुई |यह वह समय होगा जब देश को सिर्फ सीमा पर ही नहीं वरन देश के भीतर भी युद्ध लड़ना होगा |देश की सीमा पर तो भारत की सेना पूर्ण सशक्तता के साथ लड़ लेगी |लेकिन देश के भीतर इससे निपटना सरकार के लिए चुनौती भरा होगा |एक ही साथ सीमा पर और अंदर की स्थिति से बचाकर सबको सुरक्षित निकाल कर ले आना , सरकार के लिए कोई आसान काम नहीं होगा |जब ऐसी दशा चल रही हो तब जून में और 21 जून से बदलने वाले पक्ष की कुंडली और जून में ही गुरु ,शनि ,राहु ,केतु के द्वारा मकर राशि और वृषभ राशि का वेध और मंगल द्वारा जन्म दिन का वेध धार्मिक उन्माद का संकेत तो देते ही हैं, साथ ही साथ इन ग्रहों के माध्यम से यह संकेत देते हैं की भारतवर्ष के लिए आनेवाला समय  रक्तिम होने वाला है |

07 फरवरी के आस पास सर्वोच्च न्यायलय का CAA को लेकर कुछ बयान आएंगे जो सरकार के पक्ष में ही होगा |इतनी जल्दी इस कानून पर कोई आम सहमति से फैसला नहीं आएगा |ऑक्टूबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच संवैधानिक संशोधन के बाद जो निर्णय लिए जायेंगे भले ही वह देश हित में होगा लेकिन अपने साथ षड्यंत्रों को भी लेकर आएगा |फरवरी 2021 से दशा का बदलाव होगा मेष / धनु |सिंहावलोकन दशा समय होगा | सरकार द्वारा इस समय पiकिस्तान  ही नहीं बल्कि चीन ,मलेशिया और श्रीलंका को लेकर कड़े कदम उढ़ाये जायेंगे | एक और महत्वपूर्ण संकेत जो यहाँ मिल रहा है वो यह की अवैध निर्माण को लेकर कानून  सख्त होने वाला है | कई निर्माणाधीन ही नहीं बल्कि निर्मित हो गए बिल्डिंग के ढहे जाने की भूमिका तैयार हो रही है | कुल मिलाकर कहें तो अवैध निर्माण करने वालों पर क़ानूनी शिकंजा सख्ती से कसने वाला है | CAA ,थोड़े बहुत बदलाव के साथ लागू होने वाला है | सरकार और न्यायपालिका के बीच टकराहट के बीच सरकार अपनी बात मनवा लेगी |हाँ छात्र आंदोलन , मजदूर की असंतोषजनक स्थिति ,आंतरिक अस्थिरता और सीमा पर चाक चौबंद व्यवस्था ,सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा |

 

@ B Krishna Narayan

ASTRO TALK

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