नव वर्ष 2020 और ग्रहों के संकेत

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वर्ष 2020 अब आने को ही है | इस समय भारतवर्ष की काल चक्र दशा चल रही है तुला में तुला ( इस दशा की शुरुआत हुई है 6 मई 2019 से |तुला का दूसरा cycle शुरू हुआ है | इससे पहले तुला में तुला के दशा की शुरुआत हुई थी मई 1947 में |देश की आजादी के समय मिलने वाली दशा की पुनरावृत्ति पुनः हो रही है तो एक खास चर्चा करना बनता है |

यह खास चर्चा ऐसे खास समय में जब राहु का गोचर भारतवर्ष की कुंडली के द्वितीय भाव में जन्मकालीन मंगल के ऊपर से हो रहा हो और काल,संयम के प्रतीक शनि और देवगुरु बृहस्पति अस्त हों |जन्मकुंडली में मिथुन राशि के मंगल के ऊपर छाया ग्रह राहु का गोचर यह संकेत दे रहे हैं की वित्तीय क्षेत्र में उम्मीद से परे बदलाव होगा | कुछ बदलाव की प्रक्रिया लागू तो कर दी जायेगी लेकिन उनके क्रियान्वयन में बाधा उत्त्पन्न होगी और हो सकता है की आगे चलकर या तो उन्हें बंद कर दिया जाए या फिर थोड़े बहुत फेर बदल कर के उन्हें नए रूप में पुनः लाया जाये |

कुछ समय पहले मैंने जब बृहस्पति ,शनि और केतु की चर्चा में यह लिखा था कि हम सब एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं |देश ही नहीं बल्कि विश्व का इतिहास निर्णायक अध्याय को जोड़ने कि तैयारी में है |और इस मोड़ को पार करके आगे जाने का रास्ता हिंसा से भरा होगा |

भारतवर्ष के लिए एक जनवरी की कुंडली ,कन्या लग्न की कुंडली है | केंद्र में गुरु ,बुध एवं त्रिकोण में शुक्र कुंडली को बल प्रदान कर रहे हैं | गुरु ,जो की स्व क्षेत्र में है ,स्व राशि में है और मूलत्रिकोण राशि में होकर केंद्र में है ,हंस नमक पञ्च महापुरुष योग बना रहा है | यह भी कुंडली को बल देने वाला है | सभी ग्रहों का चार भावों में होना ( राहु / केतु को इस योग में शामिल नहीं किया जाता ) केदार नमक नभस योग बना रहे हैं | तृतीयेश ,तृतीय भाव में ,चथुर्तेश ,चतुर्थ भाव में ,ये सभी कुंडली की सेहत को दुरुस्त कर रहे हैं |

इतने सारे अच्छे योगों की उपस्थिति और देश की इस समय की काल चक्र दशा  तुला में तुला दोनों मिलकर क्या महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आये हैं केंद्र सरकार के लिए और दो बड़ी पार्टियां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लिए ,आइये जाने :-

केंद्र सरकार के लिए :-

  • नव वर्ष की कुंडली में दशम भाव में राहु की उपस्थिति जहाँ anarchy की स्थिति बना रहा है वहीँ इस स्थिति में मंगल और शनि का शामिल हो जाना आग में घी डालने का काम कर रहे हैं |

 

  • सरकार द्वारा कुप्रबंधन और उसकी वजह से राजनैतिक क्षरण सरकार के लिए मुश्किल हालात पैदा हो सकती है | कुछ मुद्दों पर सरकार की स्थिति हास्यास्पद हो सकती है | दशम भाव पर दशमेश की दृष्टि और गुरु की दृष्टि यह संकेत दे रहे हैं की सरकार की स्थिति हास्यास्पद होने के बावजूद भी अस्थिर होने से बच जाएगी |
  • घुसपैठियों के पकड़ के लिए सम्बंधित तंत्र को मजबूत किया जायेगा |
  • अर्थ मंदी का दौर जारी रहने और विकास दर में गिरावट भी जारी रहने का |यह चिंतनीय है |

 

  • चंद्र का छठे भाव में होना और छठे भाव पर अष्टमेश का प्रभाव तृतीय भाव से और षष्ठेश की दृष्टि छठे भाव पर , चुनावी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन का संकेत |

कांग्रेस के लिए :-

अश्चर्यजनक परिवर्तन के दौर से गुजरेगी |

भारतीय जनता पार्टी के लिए :-

गठबंधन की राजनीति भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है |पार्टी के लिए युक्तिपूर्वक मेल जोल करने का समय है यह | भाजपा बेहतर राजनैतिक नीतियां अपनाएगी |

अन्य ध्यान देने योग्य बातें :-

  • सभी ग्रहों का इंद्र और वरुण नाड़ी में होना सिर्फ भारतवर्ष ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर बड़े प्राकृतिक आपदा , जिसमे की ज्यादातर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रभावित होंगे ,का संकेत मिल रहा है |तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान और सतर्क रहने का संकेत है ,खासकर मई के महीने में |

भारत वर्ष के अष्टम भाव में इस तरह के योग का निर्माण जहाँ अंतरिक्ष जगत के कार्यक्रमों में विगत साल से बेहतर साल रहने का संकेत मिलता है वहीँ देश के लिए यह परिवर्तन से रूपांतरण का साल रहेगा (Complete Transformation) |

 

@B Krishna Narayan

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