2020

 

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साल 2020 की पदचाप सुनाई देने लगी है |हर बीतने वाला साल आने वाले साल के लिए कुछ सन्देश छोड़कर जाता है और हर आने वाला साल अपने गर्भ में ढ़ेर सारी संभावनाओं को आकार देने की प्रक्रिया के शुरू होने की घोषणा करता है |आर्थिक मंदी की मार झेलता देश , मानसिक विकृति के चरम पर पहुंचा समाज , पंगु होती न्याय व्यवस्था और लाचार होता व्यक्ति -आखिर क्या देना चाहता है दो हज़ार उन्नीस आने वाले वर्ष को ?? कुछ समय पहले मैंने जब बृहस्पति ,शनि और केतु  की चर्चा में यह लिखता कि हम सब एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं |देश ही नहीं बल्कि विश्व का इतिहास निर्णायक अध्याय को जोड़ने कि तैयारी में है |और इस मोड़ को पार करके आगे जाने का रास्ता हिंसा से भरा होगा |

आइये  देखें ज्योतिष की नज़र से  ( मुख्यतः भारत के सन्दर्भ में ):-

1– January -2020 / 00:01:00 / Delhi

 

new yr

कन्या लग्न की कुंडली है | केंद्र में गुरु ,बुध एवं त्रिकोण में शुक्र कुंडली को बल प्रदान कर रहे हैं | गुरु ,जो की स्व क्षेत्र में है ,स्व राशि में है और मूलत्रिकोण राशि में होकर केंद्र में है ,हंस नमक पञ्च महापुरुष योग बना रहा है | यह भी कुंडली को बल देने वाला है | सभी ग्रहों का चार भावों में होना ( राहु / केतु को इस योग में शामिल नहीं किया जाता ) केदार नमक नभस योग  बना रहे हैं | तृतीयेश ,तृतीय भाव में ,चथुर्तेश ,चतुर्थ भाव में ,ये सभी कुंडली की सेहत को दुरुस्त कर रहे हैं |इतने सारे अच्छे योगों की उपस्थिति और देश की इस समय की दशा चंद्र ,शनि ,शनि – दोनों मिलकर क्या महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आये हैं केंद्र सरकार के लिए और दो बड़ी पार्टियां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लिए ,आइये जाने :-

केंद्र सरकार के लिए :-

  • नव वर्ष की कुंडली में दशम भाव में राहु की उपस्थिति जहाँ anarchy की स्थिति बना रहा है वहीँ इस स्थिति में मंगल और शनि का शामिल हो जाना आग में घी डालने का काम कर रहे हैं | सरकार द्वारा कुप्रबंधन और उसकी वजह से राजनैतिक क्षरण सरकार के लिए मुश्किल हालात पैदा हो सकती है | कुछ मुद्दों पर सरकार की स्थिति हास्यास्पद हो सकती है | दशम भाव पर दशमेश की दृष्टि और गुरु की दृष्टि यह संकेत दे रहे हैं की सरकार की स्थिति हास्यास्पद होने के बावजूद भी अस्थिर होने से बच जाएगी  |
  • दूसरा महत्वपूर्ण संकेत यह है की नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर है | छठे भाव पर शनि और मंगल का प्रभाव और षष्ठेश का दशेश के साथ चतुर्थ भाव में होना और राहु ,केतु से प्रभावित होना , इस विधेयक में बदलाव की सम्भावना से इंकार नहीं | इस विधेयक की वजह से सरकार को कई तबके के आलोचना का पात्र बनना पड़ेगा | गुरु का साथ ,इस विधेयक को लेकर सरकार की नेक नियति का सन्देश तो दे रहे हैं लेकिन इसके वावजूद सरकार का यह निर्णय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना का केंद्र बन सकता है |खासकर दक्षिण एशिया में | गुरु,शनि और केतु का साथ हो जाने से इसे साम्प्रदायिकता का रंग दिया जा सकता है | भारत के लिए ये आत्मघाती फैसला साबित हो सकता है |इसका विरोध उग्र  हो सकता है | विघटनकारी शक्तियां सक्रीय हो सकती हैं |

 

  • तीसरा महत्वपूर्ण संकेत यह है की घुसपैठियों के पकड़ के लिए सम्बंधित तंत्र को मजबूत किया जायेगा |
  • चौथा महत्वपूर्ण संकेत है  अर्थ मंदी का दौर जारी रहने  और विकास दर में गिरावट भी जारी रहने का |यह चिंतनीय है |
  • पांचवां महत्वपूर्ण संकेत है ,चंद्र का छठे भाव में होना और छठे भाव पर अष्टमेश का प्रभाव तृतीय भाव से और षष्ठेश की दृष्टि छठे भाव पर , चुनावी प्रक्रिया को लेकर  महत्वपूर्ण संवैधानिक  संशोधन का संकेत |

( ग्रहों के इसी उथल पुथल के बीच शनि ,मकर राशि में साल के शुरुआत में ही प्रवेश करेगा | भारतवर्ष ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बहुत सारे बदलाव और बड़े राजनैतिक बदलाव का संकेत है |)

कांग्रेस के लिए :-

अश्चर्यजनक परिवर्तन के दौर से गुजरेगी |

 

भारतीय जनता पार्टी के लिए :-

गठबंधन की राजनीति भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है |पार्टी के लिए युक्तिपूर्वक मेल जोल करने का समय है यह | भाजपा बेहतर राजनैतिक नीतियां अपनाएगी |

अन्य  ध्यान देने योग्य बातें :-

 

  • अतिकामुकता और दूसरे के क्षेत्र पर अधिकार जताना,इन दो घटनाओं की वजह से अपमान और शर्म की स्थिति बन सकती है |
  • जगह जगह छात्र आंदोलन कि स्थिति से निबटना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी |
  • सभी ग्रहों का इंद्र और वरुण नाड़ी में होना सिर्फ भारतवर्ष ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर बड़े प्राकृतिक आपदा , जिसमे की ज्यादातर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रभावित होंगे ,का संकेत मिल रहा है |तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान और सतर्क रहने का संकेत है ,खासकर मई के महीने में |

भारत वर्ष के अष्टम भाव में इस तरह के योग का निर्माण जहाँ अंतरिक्ष जगत के कार्यक्रमों में विगत साल से बेहतर साल रहने का संकेत मिलता है वहीँ देश के लिए यह परिवर्तन से रूपांतरण का साल रहेगा (Complete Transformation) |

केदारनाथ की घटना को लोग अभी तक भूले नहीं हैं ऐसे में जब जाते जाते साल का सूर्य ग्रहण से गुजरना ,जो की भारतवर्ष में भी दिखाई देगा ,और साल के शुरू में ही ग्रहों की ऐसी मेल जोल ,ईश्वर से यही प्रार्थना की हमारी रक्षा करें और हमें रूपांतरित करें | निर्भय नहीं अभय बनाए | अभयत्व प्रदान करें |

@B Krishna Narayan

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