राम जन्म भूमि का निर्णय और ग्रह

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कलयुग में भगवान राम को भी अपने घर में आने के लिए न्यायलय की शरण में जाना पड़ा | ये है कलयुग का प्रभाव की जिसकी न्याय के सब कायल थे उन्हें भी अपने घर वापसी के लिए अन्य लोगों का सहारा लेना पड़ा |सुप्रीम कोर्ट द्वारा 30  सितम्बर,2019  को दिए गए फैसले के बाद मैंने जब तथ्यों को जानने के ख्याल से अतीत के पन्नो को पलटना शुरू किया तो एक केस की  जानकारी मिली |

In the high court of judicature at Allahabad

( Lucknow Bench )

Other original suit (O.O.S )No. 1 of 1989

(Regular suit no. 2 of 1950 )

यहाँ ऊपर में ही दो बातें बड़ी स्पष्टता से लिखी हुई मिली और वो  हैं :-

1 – ( judgement reserved on 26.07.2010)

2 – (  judgement delivered on 30.09.2010 )

इस केस को विराम दिया गया 9 नवंबर 2019 को |

इन दो तारीख( 30.09.2010 / 9.11.2019) को अपना आधार बनाया और खोज शुरू किया | आगे हमें मिला इन तारीखों के साथ समय |

अर्थात इन तारीखों में  फैसला सुनाये जाने का समय |जो की निम्नांकित है :-

30.09.2010 / 15:38/ Allahabad

09.11.2019/ 10:30/ Delhi

मेरी उत्सुकता अब और बढ़ गयी ये जानने कि की जब तारीख मिल गया और समय मिल गया तो इसे क्यों न ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी देखा जाये की आखिर ऐसी क्या बात रही की 2010 में मामला उच्च न्यायलय द्वारा न सुलझ पाया और सर्वोच्च न्यायलय पहुंचा ,जहाँ की 2019 नवंबर को इसको सुलझाया गया |और राम जी की घर वापसी सुनिश्चित की गयी |

क्रम से विश्लेषण को देखें –30.09.2010/15:38/Allahabad

 

verdict 1

मकर लग्न की कुंडली है |नवम भाव ( धर्म का भाव )में कन्या राशि है | नवमेश बुध ,नवम में है लेकिन ००* का होकर कमजोर है | बुध षष्ठेश भी है | अर्थात षष्ठेश ( झगड़ा ) नवम भाव में है |शनि ( समय ) और गुरु ( न्याय के देव ) दोनों का नवम भाव पर प्रभाव है |गुरु की दृष्टि शुभ है लेकिन यह गुरु ,वक्री है | वक्री होकर नवम ,नवमेश,षष्ठेश और शनि इन सबको प्रभावित करना ,मामले को अभी समाप्त न होने देने का संकेत दे रहे हैं |ये संकेत दे रहे हैं की अभी कुछ न कुछ बाधा बानी रहेगी | रही सही कसर अगर आप ध्यान से देखें तो चन्द्रमा पूरी कर दे रहा है छठे भाव में राहु ,केतु अक्ष में होकर | छठे भाव का चंद्र यह संकेत दे रहा है की ये फैसला मान्य नहीं होगा और झगड़ा अभी जागे चलेगा| |लेकिन नवम भाव पर गुरु की दृष्टि झगड़े की राह भी निर्धारित कर रहा  है | ऐसा गुरु यह बतला रहा है  की सही मार्ग पर चलकर इस झगड़े का निपटारा होगा |

 

इस कुंडली के बाद अब 9 नवंबर,2019  की कुंडली को देखें :-

 

verdict 2

धनु लग्न की कुंडली है |गुरु और शनि लग्न में ही हैं | नवमेश सूर्य ,दशमेश बुध के साथ एकादश भाव में है |

पहली कुंडली में जहाँ नवम और नवमेश छठे भाव के प्रभाव में आ रहा था वहीँ इस कुंडली में नवम भाव लग्नेश और चथुर्तेश और सबसे बड़ी बात की गुरु , इसके प्रभाव में आ रहा है | नवमेश , दशमेश ( सरकार) के साथ एकादश भाव ( लाभ भाव ) में है | और उससे भी अच्छी बात की चंद्र चतुर्थ  (सुख ) भाव में है |

दोनों कुंडलियों के माध्यम से हम बड़ी आसानी से यह देख पाते हैं की क्यों दो हज़ार दस में यह मुकदमा आगे गया और कैसे दो हज़ार उन्नीस में इसका समाधान मिला |

पर यहाँ एक सवाल उठना स्वाभाविक है की क्या इस फैसले पर विराम लग चुका है ??

अब सब कुछ शांतिपूर्वक हो जायेगा ??

इसकी चर्चा करने से पहले आइये दोनों कुंडलियों में जो समानता है उसे देख लें –

दोनों कुंडली में गुरु और शनि का एक दूसरे से नजदीकी सम्बन्ध बनाना ,

दोनों कुंडलियों में सूर्य और शनि का एक दूसरे से डिग्री की नज़दीकी से संबंध बनाना |

अब बात समस्या पर पूर्ण रूप से विराम लगने की और शांतिपूर्ण  माहौल बहाल रहने की करते हैं | दूसरी कुंडली में दशमेश का वक्री होकर नवमेश के साथ होना और चंद्र का छठे भाव में मंगल से दृष्ट होना ‘ पिक्चर अभी बाकी है ‘ का संकेत दे रहे हैं | कुछ छुपे हुए अजेंडा तय होने बाकी हैं जिसका रास्ता  अराजक और हिंसक गतिविधियों द्वारा तय किया जायेगा |

 

@ B Krishna Narayan

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