अगहन ( मार्गशीर्ष ) माह ( 15 नवंबर से 15 दिसम्बर के बीच ) में जन्म

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अगहन ( मार्गशीर्ष ) माह ( 15 नवंबर से 15 दिसम्बर के बीच ) में जन्म

 कार्तिक माह के बाद अगहन ( मार्गशीर्ष ) माह की शुरुआत हुई है | जानिये इस माह में जन्म लेने का फल के बारे में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है |

( ज्योतिष कभी भी चीजों को एकांगी होकर देखने की सलाह नहीं देता | हमेशा योग की बात करता है और बहुत सारी चीजों को मिलाकर ही सम्पूर्णता में देखने की सलाह देता है | यहाँ भी ज्योतिष ,सिर्फ माह के अनुसार ही फल  कथन के निर्देश नहीं देता ,वरन अन्य सभी योगों के साथ इसका मेल बैठाकर ही आगे बढ़ने की सलाह देता है | एक एक करके क्रमवार तरीके से धीरे धीरे  हम उन दिशा निर्देशों को जानेंगे )

– इस माह में जन्म लेने वाले चुम्बकीय आकर्षण शक्ति वाले होते हैं |किसी के होकर रहना इन्हे पसंद नहीं | ये खुद अपने स्वामी होते हैं |

2 – इस माह वालों के पराक्रम के समक्ष बड़ी से बड़ी शक्ति झुक जाती है |

3  – धैर्य और गतिशीलता इनके जीवन में कूट कूट कर भरी होती है |प्रारंभिक जीवन में विलासी होते हैं परंतु अचानक से इनका जीवन इतना बदलता है की इन्हे त्यागमयी ,परिश्रमी जीवन बिताना पड़ता है |

4 – एक बार जिसके ऊपर टेढ़ी दृष्टि हो जाती है फिर उसे बिना नष्ट किये नहीं छोड़ते हैं |इनकी शक्ति इतनी अधिक होती है की इनके दुश्मन  बिना चू चपर किये इनके वशीभूत हो जाते हैं |जिसपर इनकी कृपा होती है उसकी सहायता में ये कोई कसर नहीं छोड़ते हैं |

5 – प्रशंसा एवं चाटुकारिता से दूर भागते हैं |ये स्पष्टवादी होते हैं |

6 – कृष्णपक्ष वाले का चरित्र बहुत अच्छा नहीं होता |वासना की इनमे प्रबलता होती है जिसकी वजह से इन्हे दुराचार की तरफ झुकना पड़ता है |कृष्णपक्ष वाले मंत्री ,अभिनेता ,शिक्षक और प्रबंधन कार्य में सफलता पाते हैं |आत्म संयम और आत्म नियंत्रण करना सीख जाएँ तो व्यापार में भी सफल होते  हैं |सहनशीलता प्रचुर मात्रा में इनमे पायी जाती है |कठोर से कठोर विपत्ति में भी ये विचलित नहीं होते | आदर की आकांक्षा अधिक होती है | थोड़ा भी अपमान सहन नहीं कर पाते |ज्ञानार्जन के लिए देश विदेश की यात्रा अधिक करनी होती है |इस पक्ष में १/३/८/१/१३/१४ तिथि वाले माध्यम कोटि के धनी ,७ /९ /१० तिथि वाले उच्च कोटि के धनी और ४/५/६ तिथि वाल्व अल्प धनी होते हैं |

7  – शुक्ल पक्ष वाले गणित और भूगोल के ज्ञाता होते हैं |पुरातन भाषा के प्रचार प्रसार हेतु विदेश भ्रमण भी करते हैं |खाली बैठना इन्हे पसंद नहीं होता है |इस पक्ष के ६/८/९/१३ तिथि वाले उच्च श्रेणी के धनी ,१/२/५/७/१०/११/१२/१४/१५ तिथि वाले माध्यम श्रेणी के धनी तथा ३/४ तिथि वाले अल्प धनी होते हैं |

8 – इस माह में जन्म लेने वाले का एक मुख्य गुण है की इनके सानिध्य में आकर उद्दंड से उद्दंड व्यक्ति के आदतों में सुधार आने लगता है |

9 – विवाह और मित्रता :- इस माह में जन्म लेनेवाले का विवाह प्रायः १७/१८/१९/२० /२३/२५/२८/३०/३२/३३/३५ वे वर्ष में होती है | कभी कभी तो ४२वें वर्ष में भी विवाह होता है |कृष्णपक्ष के १/३/४/५/९/११/१४/३० वालों का दूसरा विवाह हो सकता है |शुक्रवार के रात में जिनका जन्म होता है उन्हें पत्नी वियोग होता है और आधी रात के बाद जन्म वालों का दूसरा विवाह हो जाता है |

इस माह में जन्म लेनेवालों की मित्र संख्या अधिक होती है |ये जहाँ भी रहते हैं वहां प्रेम का माहौल बना कर रखते हैं |

10 – भाग्योदय :- २६वें ,२८वें वर्ष से भाग्योदय प्रारम्भ हो जाता है |४९ से ५६ वर्ष तक का जीवन स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ कष्टकारी हो सकता है |साथ ही साथ कार्य के क्षेत्र में भी कुछ कठिनाईओं का सामना करना पर सकता है |

11 – संतान :- इस माह में जन्म लेनेवालों को कन्या संतान की प्राप्ति पुत्र संतान के वनिस्पत ज्यादा होती है |शुक्ल पक्ष वालों को ज्यादा कन्या संतान तथा कृष्ण पक्ष वालों को ज्यादा पुत्र संतान की प्राप्ति होती है |

@B Krishna Narayan

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