Mundane Astrology

 

Image may contain: 13 people, people smiling

 

” काल: स्वभावो नियतिर्यदृच्छा ..भूतानि योनि: पुरुष इति चिन्त्या”

ऑक्सीजन और हाइड्रोजन ,अलग अलग दोनों बहुत ही विध्वंसक होते हैं ,पर जब ये दोनों एक निश्चित ताप और दाब की प्रक्रिया से गुजरते हैं तो जीवन रक्षक जल का निर्माण करते हैं | ज्योतिषशास्त्र में भी ग्रहों का स्वाभाव कुछ ऐसा ही होता है .दो विध्वंसक ग्रह जरूरी नहीं की हर वक़्त विस्फोटक स्थिति ही बनाये |मंगल ,केतु ,शनि ,राहु भी अलग अलग तत्वों के साथ मिलकर जीवन रक्षक बन जाते हैं और बृहस्पति ,शुक्र घातक |

केतु जहाँ शनि से अलग होने लगा है वहीं शुक्र बृहस्पति की तरफ बढ़ने लगा है | शनि जब केतु से दूर जाने लगता है तब यह समय मनोरोगियों के लिए अच्छा होता है |उनका तनाव दूर होने लगता है |

शुक्र से बड़ा राजनीति का जानकार कोई नहीं है और बृहस्पति राजधर्म का प्रचंड ज्ञाता है | राजनीति का विद्वान जब राजधर्म के ज्ञाता से मिलने की शीघ्रता जताये तब इस शीघ्रता पर नज़र रखना बनता है |खासकर ऐसे वक़्त में जब एक तरफ अमेरिका और चीन उलझ रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति पर महाभियोग का फन्दा कसने लगा हो ,पाकिस्तान और भारत की स्थिति तनावपूर्ण है ,हांगकांग में दंगे हो रहे हैं और देश में राम मंदिर का मुद्दा जोर पकड़ने लगा हो | आर्थिक मंदी अपना पैर पसार रहा हो |
बृहस्पति को कोई जल्दी नहीं है शुक्र से मिलने की |अभी तो उसे सिर्फ अपने घर पहुंचना है ,धनु राशि में पहुंचना है |पांच नवंबर को बृहस्पति के धनु राशि में केतु के नजदीक जाकर मंगल से दृष्ट होना बाजार की अस्थिरता के बरक़रार रहने का संकेत दे रहे हैं |

बृहस्पति के धनु राशि में आते ही बुध का अस्त हो जाना और मंगल का एक सप्ताह के भीतर ही दस तारीख को राशि परिवर्तन करके तुला राशि में आना जहाँ वक्री बुध अनुगामी होकर मंगल का साथ देगा ,यह बाजार की अस्थिरता का संकेत तो दे ही रहे हैं साथ ही साथ मौसम में बहुत तेजी से परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं |हवाई यात्रा बाधित हो सकती है |

मंगल ,बुध की वजह से जहाँ मौसम ने करवट बदली वहीं शुक्र मौसम की मार झेलकर भी बृहस्पति से मिलने की लालसा नहीं छोड़ पा रहा है |वह अपने प्रयास में कामयाब होगा 21 नवंबर को .24 /25 नवंबर को शुक्र और बृहस्पति का अतिचारी रहना वह भी अग्नि तत्व राशि में,देश ही नहीं बल्कि वैश्विक परिदृश्य में भी , हिंसा और रक्तपात की घटनाओं में बढ़ोतरी की स्थिति तैयार करने वाले होंगे |साथ ही साथ इस समय बहुत की कम अंशों की दूरी में आठ ग्रहों का मिलना प्राकृतिक आपदा ,typhoon ,hurricane ,तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बना रहे हैं | पहले पूना ,पटना फिर जापान |अब कहाँ ?? भारत में क्या फिर से चेन्नई या गुजरात ,महाराष्ट्र ?? विश्व के मानचित्र से क्या पश्चिमी दक्षिण भाग या उत्तरी भाग ?? समुचित डाटा के आभाव में इस पर ज्यादा नहीं कहा जा सकता |जरूरत है मौसम वैज्ञानिक साथ आएं और इस कार्य में अपना सहयोग दे |
मौसम के अस्वाभाविक रूप से अशांत होने का यह क्रम दिसंबर के महीने में भी जारी रहेगा |24 से 27 दिसंबर के मध्य प्रकृति नाराज होती नजर आ रही है|तटीय क्षेत्र के प्रभावित होने का संकेत | बर्फबारी की स्थिति |शुक्र और बृहस्पति का साथ ,अहं का टकराव और मानवीय संवेदनाओं में कमी ,हिंसा का समर्थन जब समाज करे तो प्रकृति अपने तरीके से अपनी असहमति जतायेगी |अपना प्रकोप दिखाएगी |
ऐसे में श्री कृष्ण से यही प्रार्थना की जाने वाले साल को शुभता प्रदान करें |
उनसे यही प्रार्थना की और नए साल में सबकी रक्षा करें !!!
@ B Krishna Narayan
YouTube Channel :- ASTRO TALK