MESSAGE TO 2020 BY 2019

                      

Photo by Teknorat

कश्मीर मामले पर सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला स्वागत योग्य है . इस फैसले का दूरगामी असर तो होगा ही फिलहाल इसका  तात्कालिक प्रभाव हमें  9 अगस्त तक unstable market की स्थिति के रूप में दिखेगा .

 

South west monsoon ( SWM) धीरे धीरे अपने विराम की तरफ जाता हुआ और North east monsoon ( NEM)  अपने आगमन की तैयारी में लगा हुआ . हालाँकि SWM की तरह NEM के आगमन का कोई OFFICIAL DATE नहीं निर्धारित होता ,यह हर साल 20 अक्टूबर के आस पास आता है . 9 अक्टूबर को शुक्र का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश अच्छी बारिश की स्थिति बनाएगा जो की 18 अक्टूबर से और बेहतर  होता जायेगा .29 अक्टूबर को  चंद्र  का वृश्चिक राशि में  शुक्र और बुध के साथ मिलना इसको और गति प्रदान करेगा . 31 अक्टूबर को इसकी गति और तीव्र होगी .3/4 नवंबर को इस गति में रूकावट आएगा लेकिन 10 नवंबर को फिर से बारिश की गति में तीव्रता आएगा .25 दिसंबर को बुध और चंद्र का जल नाड़ी से निकलकर वरुण नाड़ी में प्रवेश करना और इसी समय मंगल का वृश्चिक राशि में प्रवेश करना ,प्रकृति में बड़े उलटफेर की स्थिति तैयार हो रही है .अप्रैल 2013 में पांच ग्रह वरुण नाड़ी में थे ,केदारनाथ दुर्घटना अभी तक भूल नहीं पाए हैं . 25/26 दिसंबर को सात ग्रह वरुण नाड़ी में होंगे और सूर्य ,चंद्र, बृहस्पति ,शनि ये चारों मंगल , बुध , केतु और  शुक्र के साथ एक खास angular सम्बन्ध बना  रहे है .ये भी natural disaster की स्थिति बना रहे हैं .

NEM के लिए कहा जा सकता है की यह अपने निर्धरित समय से कुछ पहले दस्तक दे सकता है और SWM के वनिस्पत ज्यादा अच्छा होगा .

 

इन सबके अलावा

25/26 December

1 –Annular  Solar eclipse falls on 26-December 2019

2 –Eight planet concentration between 0*- 73*

Mercury, Moon और Mars, इन तीनो का राशि परिवर्तन करके Sun, Jupiter,Saturn, Ketu   के साथ एक खास Angular सम्बन्ध बनाना ,क्या संकेत दे रहे हैं ??

सप्त नाड़ी चक्र , कूर्म चक्र और संघट नाड़ी चक्र -शास्त्रों में वर्णित  ये तीन चक्र हमें प्रकृति और देश की महत्वपूर्ण घटनाओं को देखने का बहुआयामी दृष्टिकोण देते हैं .

सप्त नाड़ी चक्र में शुक्र को छोड़कर सभी ग्रहों का दक्षिण नाड़ी में स्थित होना

 

 

 

कूर्म चक्र में पश्चिमी , दक्षिण पश्चिम दिशा का बाधित होना ,

 

 

 

 

 

और संघट राशि चक्र में धनु राशि का वेध वृश्चिक राशि को होना ( धनु में बैठे 6 ग्रहों का वेध वृश्चिक में बैठे मँगल को ),

 

 

हमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहे हैं जो की निम्नांकित हैं …

1 – Unstable market/ Financial crisis

2 – Communal riots

3 – Natural disaster भारत में कर्नाटक , मुंबई और गुजरात अवं वैश्विक परिपेक्ष्य में अमेरिका ,फ़िलीपीन्स .( कुछ ऐसे जगह जो अभी तक natural disaster से परे हैं उन जगहों में प्रकृति का असंतुलित होना चिंता का विषय )

4 – Religious Unrest

5 –Political unrest . change of guard on international front…..in some other countries.

 

To be continued……