6 दिसंबर

भगवान राम का स्थूल रूप जल समाधि लेकर सूक्ष्म हुआ ।सूक्ष्म होकर हर दिल में वास लिया
।सही है, अग्नि को जल से ही शांत किया जा सकता है ।
अब हम क्या कर रहे हैं  ??
हम अपने दिल में राम का वास नहीं चाहते
हम तो पत्थर की चाह रखते हैं
हमें सूक्ष्मता समझ नही आती
हम अंतर्मुखी नही हो सकते
हमें राम हिय में नहीं बल्कि सामने चाहिए
पत्थर रूप में
पाषाण प्रिय हम..
तभी तो हमने 6  दिसंबर को गजब ढा़या
कल फिर 6 दिसंबर है
ऐसे में जब JNU की archeology. की प्रोफेसर सुप्रिया वर्मा ने कहा है कि  ” there is no evidence of a temple under the babri masjid, just older mosque ” . साथ ही वे ये भी कहती हैं कि even today, there is no archeological evidence that there was a temple under the babri masjid.
क्या कहते हैं ग्रह …
मंगल का शनि , राहु और शुक्र के साथ बहुत नजदीकी संबंध बना हुआ है जिसे सूर्य और चन्द्र का समर्थन मिल रहा है ।इस नजदीकी को बुध का भी सहयोग है पर मंगल तक पहुंचने के लिए वह शनि और राहु का सहारा ले रहा है ।वृषभ राशि जहाँ मंगल से दृष्ट है वहीं मकर राशि ,राहु /केतु अक्ष मे है।
मंगल की चतुर्थ दृष्टि और बुध का अप्रत्यक्ष सहयोग ,कल स्थिति को भयावह होने से बचा रहे हैं परन्तु 8 दिसंबर को सुबह 9 बजे के बाद जब कमान शनि के पास से निकल कर राहु के पास चला जाएगा ,  तब तनाव पूर्ण स्थिति का संंकेत मिलता है ।

इसके अलावा कल के लिए एक संकेत , फिर से अस्थिर बाजार का है ।

एक संकेत (6 से  8 दिसंबर )प्रकृति का फिर से असंतुलित होने का है ।

3 comments

  1. Dear Krishna-ji.If you follow JNU or any Leftist Historian, then you would get such baseless claims. There was a Hindu Temple at the exact site. And the same has been proved beyond doubt in Allahabad High Court Judgment in 2010. The HC Judges also ridiculed the so-called 'Eminent Historians' for their duplicity & circular refernces. I wish you would re-look at the issue. Regarding astrology part, I cannot comment. But someone (YCSukla,com) suggested that after Jupiter reaches 10 deg, which will happen on 19th December, there will be a strong push in public mind for Ram Mandir construction.regardsChakraborty

  2. नमस्तेशुक्रिया आपका ।मै इन्हे follow नही करती । मेरा यहां इसे लिखने का मकसद इतना था कि इस तरह के भड़काऊ बयानबाजी के बाद भी ग्रहों के मुताबिक स्थिति फिलहाल भड़काऊ नही है ।ये सब कुछ ज्यादा ही विद्वान हैं ।सस्ती लोकप्रियता पाने की भूख मे ये कुछ भी बोलते हैं ।तभी मैंने लिखा कि जब इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं तब क्या कहते हैं ग्रह .RegardsKrishna

  3. Krishna-ji,The Leftist intellectuals have been exposed for quite a long time. Their utterings do not create any backlash now. Same with utterings of opposite fringes. Every person without much substance has a limited shelf life. thenaks & regardsChakraborty

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